Friday, July 7, 2017

একটি কুণ্ডলী বিশ্লেষণ






ग्रहR/CराशिD/M/Sभाव
सूर्य-धनू01:37:531
चंद्रमॆष16:48:535
मंगलतुल04:44:0311
बुधव्रुश्चिक16:05:1412
गुरु(R)वृषभ27:43:136
शुक्रव्रुश्चिक21:07:1212
शनितुल12:59:5011
राहु(R)मकर02:19:242
केतु(R)कर्क02:19:248
वक्र ग्रह और अस्तंगत्व ग्रह. R = वक्र, C = आस्त
ग्रह सारिणि
ग्रहनक्षत्र/ चरणन. आधिनवनव. अधि
लग्नपू.षाढ़ा-2शुक्रबु
सूर्यमूल-1केतुमेमं
चंद्रभरणि-2शुक्रबु
मंगलचित्ता-4मंगलवृमं
बुधअनुराध-4शनिवृमं
गुरुमृगशिरा-2मंगलबु
शुक्रज्येष्टा-2बुध
शनिस्वाति-2राहु
राहुउ.षाढ़ा-2सूर्य
केतुपुनर्वसु-4गुरुकर्कचं
ग्रह सारिणि
ग्रहअव5स्वभावपु/स्त्रीतत्वस्थि.
सूर्यबालद्विपुरुषअग्निमित्र
चंद्रयुचरपुरुषअग्निसम
मंगलबालचरपुरुषवायुसम
बुधयुस्थिरस्त्रीजलसम
गुरुबालस्थिरस्त्रीभूशत्रु
शुक्रकुमस्थिरस्त्रीजलसम
शनियुचरपुरुषवायुउच्छ
राहुमृचरस्त्रीभूमित्र
केतुमृचरस्त्रीजलशत्रु
भाव सारिणि
भावराशिD/M/S
लग्न भावधनू19:10:36
धन भावमकर19:10:36
भ्रातृ भावकुंभ19:10:36
मात्रु भावमीन19:10:36
पुत्र भावमॆष19:10:36
शत्रु भाववृषभ19:10:36
कळत्र भावमिथुन19:10:36
अयु भावकर्क19:10:36
भाग्य भावसिंह19:10:36
राज्य भावकन्य19:10:36
लाभ भावतुल19:10:36
व्यय भावव्रुश्चिक19:


गुरु महादशा आरंभ दिन् 24.10.2009
महादशाभुक्तिप्रत्यंतरआरंभ दिन्
गुरुगुरुगुरु24.10.2009
गुरुगुरुशनि05.02.2010
गुरुगुरुबुध08.06.2010
गुरुगुरुकेतु26.09.2010
गुरुगुरुशुक्र10.11.2010
गुरुगुरुसूर्य20.03.2011
गुरुगुरुचंद्28.04.2011
गुरुगुरुमंगल02.07.2011
गुरुगुरुराहु16.08.2011
गुरुशनिशनि11.12.2011
गुरुशनिबुध05.05.2012
गुरुशनिकेतु13.09.2012
गुरुशनिशुक्र06.11.2012
गुरुशनिसूर्य09.04.2013
गुरुशनिचंद्25.05.2013
गुरुशनिमंगल10.08.2013
गुरुशनिराहु03.10.2013
गुरुशनिगुरु19.02.2014
गुरुबुधबुध22.06.2014
गुरुबुधकेतु17.10.2014
गुरुबुधशुक्र04.12.2014
गुरुबुधसूर्य21.04.2015
गुरुबुधचंद्01.06.2015
गुरुबुधमंगल09.08.2015
गुरुबुधराहु26.09.2015
गुरुबुधगुरु28.01.2016
गुरुबुधशनि17.05.2016
गुरुकेतुकेतु25.09.2016
गुरुकेतुशुक्र15.10.2016
गुरुकेतुसूर्य11.12.2016
गुरुकेतुचंद्28.12.2016
गुरुकेतुमंगल25.01.2017
गुरुकेतुराहु14.02.2017
गुरुकेतुगुरु06.04.2017
गुरुकेतुशनि21.05.2017
गुरुकेतुबुध14.07.2017
गुरुशुक्रशुक्र31.08.2017
गुरुशुक्रसूर्य09.02.2018
गुरुशुक्रचंद्30.03.2018
गुरुशुक्रमंगल19.06.2018
गुरुशुक्रराहु15.08.2018
गुरुशुक्रगुरु08.01.2019
गुरुशुक्रशनि18.05.2019
गुरुशुक्रबुध19.10.2019
गुरुशुक्रकेतु05.03.2020
गुरुसूर्यसूर्य01.05.2020
गुरुसूर्यचंद्16.05.2020
गुरुसूर्यमंगल09.06.2020
गुरुसूर्यराहु26.06.2020
गुरुसूर्यगुरु09.08.2020
गुरुसूर्यशनि17.09.2020
गुरुसूर्यबुध02.11.2020
गुरुसूर्यकेतु13.12.2020
गुरुसूर्यशुक्र30.12.2020
गुरुचंद्चंद्17.02.2021
गुरुचंद्मंगल30.03.2021
गुरुचंद्राहु27.04.2021
गुरुचंद्गुरु09.07.2021
गुरुचंद्शनि12.09.2021
गुरुचंद्बुध28.11.2021
गुरुचंद्केतु05.02.2022
गुरुचंद्शुक्र05.03.2022
गुरुचंद्सूर्य25.05.2022
गुरुमंगलमंगल18.06.2022
गुरुमंगलराहु08.07.2022
गुरुमंगलगुरु28.08.2022
गुरुमंगलशनि12.10.2022
गुरुमंगलबुध05.12.2022
गुरुमंगलकेतु22.01.2023
गुरुमंगलशुक्र11.02.2023
गुरुमंगलसूर्य09.04.2023
गुरुमंगलचंद्26.04.2023
गुरुराहुराहु24.05.2023
गुरुराहुगुरु03.10.2023
गुरुराहुशनि28.01.2024
गुरुराहुबुध15.06.2024
गुरुराहुकेतु17.10.2024
गुरुराहुशुक्र07.12.2024
गुरुराहुसूर्य02.05.2025
गुरुराहुचंद्15.06.2025
गुरुराहुमंगल27.08.2025
शनि महादशा आरंभ दिन् 24.10.2025
महादशाभुक्तिप्रत्यंतरआरंभ दिन्
शनिशनिशनि24.10.2025
शनिशनिबुध16.04.2026
शनिशनिकेतु19.09.2026
शनिशनिशुक्र22.11.2026
शनिशनिसूर्य24.05.2027
शनिशनिचंद्18.07.2027
शनिशनिमंगल18.10.2027
शनिशनिराहु21.12.2027
शनिशनिगुरु03.06.2028
शनिबुधबुध28.10.2028
शनिबुधकेतु16.03.2029
शनिबुधशुक्र12.05.2029
शनिबुधसूर्य23.10.2029
शनिबुधचंद्11.12.2029
शनिबुधमंगल03.03.2030
शनिबुधराहु29.04.2030
शनिबुधगुरु23.09.2030
शनिबुधशनि01.02.2031
शनिकेतुकेतु07.07.2031
शनिकेतुशुक्र31.07.2031
शनिकेतुसूर्य07.10.2031
शनिकेतुचंद्27.10.2031
शनिकेतुमंगल30.11.2031
शनिकेतुराहु24.12.2031
शनिकेतुगुरु23.02.2032
शनिकेतुशनि17.04.2032
शनिकेतुबुध20.06.2032
शनिशुक्रशुक्र16.08.2032
शनिशुक्रसूर्य25.02.2033
शनिशुक्रचंद्24.04.2033
शनिशुक्रमंगल29.07.2033
शनिशुक्रराहु04.10.2033
शनिशुक्रगुरु27.03.2034
शनिशुक्रशनि28.08.2034
शनिशुक्रबुध27.02.2035
शनिशुक्रकेतु10.08.2035
शनिसूर्यसूर्य16.10.2035
शनिसूर्यचंद्02.11.2035
शनिसूर्यमंगल01.12.2035
शनिसूर्यराहु21.12.2035
शनिसूर्यगुरु11.02.2036
शनिसूर्यशनि28.03.2036
शनिसूर्यबुध22.05.2036
शनिसूर्यकेतु10.07.2036
शनिसूर्यशुक्र30.07.2036
शनिचंद्चंद्26.09.2036
शनिचंद्मंगल13.11.2036
शनिचंद्राहु17.12.2036
शनिचंद्गुरु14.03.2037
शनिचंद्शनि30.05.2037
शनिचंद्बुध30.08.2037
शनिचंद्केतु20.11.2037
शनिचंद्शुक्र24.12.2037
शनिचंद्सूर्य30.03.2038
शनिमंगलमंगल28.04.2038
शनिमंगलराहु22.05.2038
शनिमंगलगुरु22.07.2038
शनिमंगलशनि14.09.2038
शनिमंगलबुध17.11.2038
शनिमंगलकेतु13.01.2039
शनिमंगलशुक्र06.02.2039
शनिमंगलसूर्य15.04.2039
शनिमंगलचंद्05.05.2039
शनिराहुराहु08.06.2039
शनिराहुगुरु11.11.2039
शनिराहुशनि29.03.2040
शनिराहुबुध10.09.2040
शनिराहुकेतु04.02.2041
शनिराहुशुक्र06.04.2041
शनिराहुसूर्य27.09.2041
शनिराहुचंद्18.11.2041
शनिराहुमंगल13.02.2042
शनिगुरुगुरु15.04.2042
शनिगुरुशनि16.08.2042
शनिगुरुबुध09.01.2043
शनिगुरुकेतु20.05.2043
शनिगुरुशुक्र13.07.2043
शनिगुरुसूर्य14.12.2043
शनिगुरुचंद्29.01.2044
शनिगुरुमंगल15.04.2044
शनिगुरुराहु08.06.2044

आप धनू लग्न मे पैदा हुए है । इस लग्न का अधिपती गुरु है । ये छठा भाव (शतृ भाव) मे स्थित् है । द्वितीय भाव (धन भाव) मकर राशि मे आतीहै । इस घर का अधिपती शनि है। ये ग्यारहवाँ भाव (लाभ भाव) मे स्थित् है । तृतीय भाव (भ्रातृ भाव) कुंभ राशि मे आतीहै । इस घर का अधिपती शनि है. ये ग्यारहवाँ भाव (लाभ भाव) मे स्थित् है । चतुर्थ भाव (मातृ भाव) मीन राशि मे आतीहै । इस घर का अधिपती गुरु है । ये छठा भाव (शतृ भाव) मे स्थित् है । पंचम भाव (पुत्र भाव) मॆष राशि मे आतीहै । इस घर का अधिपती मंगल है । ये ग्यारहवाँ भाव (लाभ भाव) मे स्थित् है । छठा भाव (शतृ भाव) वृषभ राशि मे आतीहै । इस घर का अधिपती शुक्र है । ये बारहवां भाव (व्यय भाव) मे स्थित् है । सातवाँ भाव (कलत्र भाव) मिथुन राशि मे आतीहै । इस घर का अधिपती बुध है । ये बारहवां भाव (व्यय भाव) मे स्थित् है । आठवाँ भाव (आयु भाव) कर्क राशि मे आतीहै । इस घर का अधिपती चंद्र है । ये पंचम भाव (पुत्र भाव) मे स्थित् है । नौवां भाव (भाग्य भाव) सिंह राशि मे आतीहै । इस घर का अधिपती सूर्य है । ये प्रथम भाव (लग्न) मे स्थित् है । दसवां भाव (राज्य भाव) कन्य राशि मे आतीहै । इस घर का अधिपती बुध है । ये बारहवां भाव (व्यय भाव) मे स्थित् है । ग्यारहवाँ भाव (लाभ भाव) तुल राशि मे आतीहै । इस घर का अधिपती शुक्र है । ये बारहवां भाव (व्यय भाव) मे स्थित् है । ग्यारहवाँ भाव (लाभ भाव) तुल राशि मे आतीहै । इस घर का अधिपती मंगल है । ये ग्यारहवाँ भाव (लाभ भाव) मे स्थित् है ।

आपका राशि मॆष है । आप भरणी नक्षत्र, दूसरा चरण मे पैदा हुएहै । आप शुक्र महादशा मे पैदा हुए है।
आपका लग्न: केलिये
शुभ ग्रह: मंगल सूर्य बुध 
अशुभ ग्रह: शनि चंद्र गुरु शुक्र 
मारक ग्रह: शनि शुक्र गुरु 
योग कारक ग्रह: बुध सूर्य 

विभिन्न गृहों में भावाधिपति की भविष्यवाणियां

ये भविष्यवाणी होरा शास्त्र से ली गई हैं.
आपका लग्न स्वामी, Jupiter is placed in sixth house. If Lagnas Lord is related to a malefic you will be devoid of physical happiness and will be troubled by enemies, if there is no benefic aspect.
आपका दूसरा भाव प्रभु, Saturn is placed in eleventh house. You will have all kinds of wealth, be ever diligent, honourable and famous.
आपका तीसरा भाव अधिपती, Saturn is placed in eleventh house. You will always gain in trading, be intelligent, although not literate, be adventurous and will serve others.
आपका चौथे भाव प्रभु, Jupiter is placed in sixth house. You will be devoid of maternal happiness, be given to anger, be a thief and a conjurer, be independent in action and be indisposed.
आपका पांचवें भाव प्रभु, Mars is placed in eleventh house. You will be learned, dear to people, be an author of treatises, be very skilful and be endowed with many sons and wealth.
आपका छठे भाव प्रभु, Venus is placed in twelfth house. You will always spend on vices, be hostile to learned people and will torture living beings.
आपका सातवां भाव प्रभु, Mercury is placed in twelfth house. You will incur penury, be a miser and your livelihood will be related to clothes. Your wife will be a spendthrift.
आपका आठवें भाव प्रभु, Moon is placed in fifth house. You will be dull witted, will have limited number of children, be long-lived and wealthy.
आपका नौवें भाव प्रभु, Sun is placed in lagna. You will be fortunate, will be honoured by the king, be virtuous, charming, learned and honoured by the public.
आपका दसवें भाव प्रभु, Mercury is placed in twelfth house. You will spend through royal abodes, will have fear from enemies and will be worried in spite of being skilful.
आपका ग्यारहवें भाव प्रभु, Venus is placed in twelfth house. You will always depend on good deeds, be sensuous, will have many wives and will befriend barbarians.
आपका बारहवें भाव प्रभु, Mars is placed in eleventh house. You will incur losses, be brought up by others and will sometimes gain through others.

Dwi graha yogas (Two planets in one house)

You are having Mars and Saturn in one sign. 
Mars and Saturn be together, one will be a metallurgist. be expert in jugglery, be deceitful, skillful in thieving, troubled by weapons and poison and be fond of quarrels.
You are having Mercury and Venus in one sign. 
Should Mercury and Venus be together at birth, you will be abundantly rich, a politician, an artisan, will study Vedas, be good in speech, will know to sing, make fun and like scents and flowers.

Thri graha yoga (Three planets in one house)

Chatur graha yogas (Four planets in one house)

Planetary Predictions

Sun Sign and House placement

If the Sun at birth is in Sagittarius, one will be endowed with wealth, be dear to king, learned, will respect Gods and Brahmins, be skillful in rendering training in use of weapons and arrows and breeding of elephants, be fit to deal with, be honourable, be always peaceful, be rich, will possess a broad and beautiful physique, be helpful to relatives and be energetic.Sun in the 1st bhava (in lagna)
Tall; short haired; defective eyes (one who wears glasses); hot body; a person who worries a lot; a person who has greatness and dignity; impatient and unkind. Sun will be strong in the lagna and noblest in the 10th bhava. One will get auspicious results when lagna is Sun’s own house or exaltation house and when Sun is positioned there.

Moon Sign and House placement

Should the Moon be in Aries, the native will have a golden coloured body, will be endowed with lasting wealth, be devoid of co-born, be valorous, self-respected, auspicious, prosperous, libidinous, will have weak legs, ugly nails and little hair, be fickle-minded, will consider honour, as wealth, will possess hands and legs, like the lotus, (i.e. these will be lotus-red), will have more sons, round eyes, be friendly, be afraid of getting into watery places, like river, well etc.), will have wounds on the head and be won over by females.Moon in the 5th bhava
You will be intelligent, rich and handsome. You will experience happiness because of your children; and will be afraid of everyone.

Mars Sign and House placement

If Mars occupies Libra in a nativity, the person will be liable to wandering, will indulge in bad business, be an able speaker, be fortunate, deformed in respect of some limb, will have few relatives, be fond of wars, will lose his first wife, will deal in liquors and will earn through prostitutes to only lose.Mars in the 11th bhava
You will have wealth, sons and prosperity. You will earn wealth through business and do virtuous deeds. It is harmful to your elder brother.

Mercury Sign and House placement

If Mercury is posited in Scorpio, one will experience troubles, grief and evils, will hate the virtuous, will be devoid of truth, religion and shame, be a dunce, be not virtuous, be a miser, will cohabit with wicked women, be fond of giving cruel punishments, be not out spoken, be interested in blameworthy jobs, will incur debts, will join base men and will steel other's properties.Mercury in the 12th 11th bhava
Even if you have education, you will have financial difficulties. You may die of severe fever, malaria or plague.

Jupiter Sign and House placement

Should Jupiter be in Taurus, one will be endowed with a broad body, be corpulent, will honour Brahmins and Gods, be splendourous, fortunate, attached to his wife, be endowed with good appearance, profession, cows and abundant wealth; will possess good articles and ornaments, be distinguished in speech, intelligence and skill; will have political / judicial wisdom, be modest, be endowed with medical accomplishments and be skillful in experiments.Jupiter in the 6th bhava
Lack of God’s grace; spendthrift; income from wrong means; addicted to women; victorious over enemy. You will have less body comfort and less pleasure from your wife. You will be hostile to your elders.

Venus Sign and House placement

If Venus occupies Scorpio, the subject will be jealous, be very malicious, be not religious, be argumentative, be crafty, be not attached to brothers, be not fortunate, will be troubled by enemies, be distressed, will be inimical to unchaste women, be skillful in killing, will incur heavy debts, will suffer penury, be proud and will contract venereal diseases. Venus in the 12th bhava
Venus in the 12th is not harmful. You will be rich, and get separated from your relatives. You may die of urinary diseases.

Saturn Sign and House placement

Saturn posited in Libra at birth indicates, that the subject will be rich, soft-spoken, will earn money and honours from foreign countries, be a king, or a scholar, will have his wealth protected by his relatives, be senior in the circle, will attain a high status owing to his gracious speech in an assemblage, be good and will join corrupt female dancers and prostitutes.Saturn in the 11th bhava
You will be noble, rich; and have long life. You will suffer on account of your children and harm your elder brother. You will be pious and worthy of government job.

Rahu Sign and House placement

Rahu in Capricorn gives prudence, much reflectiveness, and even disposition inclined to sadness, love of solitude, but withal shrewdness and diplomacy. The disposition is more reflective than melancholy. This position may bring stability to the worldly position, but seldom gives wealth, which, moreover, the native does not desire, as he is not very ambitious.Rahu in the 2nd bhava
You will become a debtor. There will be a reduction in family comfort; and defect in speech. When Rahu conjuncts with Gulika and is in the 2nd, you will be afraid of poison.

Ketu Sign and House placement

Ketu in Cancer always gives fickleness in love; it is a sign of infidelity, and often shows a risk of separation after scandal. The position of the native or of those around him is not clearly defined; he is surrounded by many secret or mysterious circumstances. This position may cause an accident, or danger while travelling.Kethu in the 8th bhava
Residence in an alien land; traveler; earn wealth by unjust means; ability to charm numerous men/women; fear of ghosts and evil spirits; sores in the body; uninterested in food; widowhood yoga; a perpetual nuisance to the family (wife, sons)
গ্রহডিগ্রিরাশি-নক্ষ-সাব-সাসাগুরুত্ব
সূর্য 081-34-51 বুধ-বৃহস্পতি-বৃহস্পতি-রাহু মা7 12  
চন্দ্র 243-20-22 বৃহস্পতি-কেতু-সূর্য-শনি মা4 5 6 8 10 11  
মঙ্গল 087-34-13 বুধ-বৃহস্পতি-শুক্র-রাহু মা4 10 11 12  
বুধ 098-44-21 চন্দ্র-শনি-শুক্র-চন্দ্র মা2 7 9 10 11  
বৃহস্পতি 170-21-04 বুধ-চন্দ্র-কেতু-বুধ মা1 3 4 6 10 11 12  
শুক্র 038-45-46 শুক্র-সূর্য-শুক্র-রাহু মা5 6 7 9 10 11  
শনি 238-54-35 মঙ্গল-বুধ-শনি-শুক্র 1 2 10  
রাহু 122-16-54 সূর্য-কেতু-শুক্র-শনি 1 12  
কেতু 302-16-54 শনি-মঙ্গল-কেতু-রাহু 1 3 6 7  
सामान्य
शनि का गोचर आपके अष्टम भाव से होगा जिसके फलस्वरूप आपकी नौकरी में परिवर्तन संभव रहेगा। कुछ लोग काम-धंधे के चलते विदेश का रुख कर सकते हैं। दीर्घ अवधि के रोग आपको परेशान कर सकते हैं। राहु का पंचम भाव से गोचर संतान को शारीरिक कष्ट दे सकता है। उनकी शिक्षा में भी अड़चनें संभव हैं। प्रेम प्रसंगों में दिक़्क़तों का सामना करना पड़ सकता है। गुरु की छठे भाव में गोचरीय स्थिति के कारण विरोधी आपसे दबे रहेंगे। आपको नौकरी में उच्च अधिकारियों की कृपा प्राप्त हो सकती है और विदेशी स्रोतों से आर्थिक लाभ संभव है। सामाजिक व जनसेवा के कार्यों में आप बढ़-चढ़कर हिस्सा ले सकते हैं। केतु की एकादश भाव में गोचरीय स्थिति आपको कम मेहनत से ज्यादा लाभ दिलवा सकती है। बायें कान में समस्या हो सकती है। शुक्र की द्वितीय भाव में स्थिति से आपका आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। आप प्रचुरता से पैसा कमाने में सफल रहेंगे। सूर्य, बुध व मंगल की तृतीय भाव में गोचरीय स्थिति के फलस्वरुप भाई-बहनों के प्रति आपका लगाव अधिक रहेगा। आपकी कार्यक्षमता काफी बेहतर रहेगी। सेहत का मामला अच्छा रहेगा।
आर्थिक
इस माह आपकी आर्थिक तंगी समाप्त होगी। धनागमन प्रचुर मात्रा में होगा जो आपको विस्तार के नए अवसर तलाशने में मदद करेगा। यदि आप बैंक ऋण के लिए प्रयासरत हैं तो आपको सफलता मिलेगी। उधार दिया हुआ पैसा वापिस मिल सकता है। वर्तमान बिज़नेस को आप और मजबूत बनाने की कोशिश करेंगे। इस दौरान आपको कोई बड़ा आकस्मिक लाभ भी हो सकता है। आप बौद्धिक प्रतिभा के बल पर कमाई करने में सफल रहेंगे। शेयर बाज़ार की गतिविधियों से दूर रहें, इसी में आपकी भलाई है।
स्वास्थ्य
सूर्य, बुध व मंगल की तृतीय भाव में स्थिति आपको ऊर्जावान बनाए रखेगी। साहस व जोश की आप में कोई कमी नहीं होगी। आप अपनी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए कसरत और योग पर ध्यान केंद्रित करेंगे। जो जातक नित्य ही डाइट का अनुसरण करते हैं उन्हें कोई तकलीफ नहीं होगी, किन्तु ऐसे जातक, जो कम पानी पीते हैं, उन्हें शिकायत हो सकती है। आप मौसम के अनुसार भोजन का सेवन करें और कोशिश करें कि गरिष्ठ भोजन कम ही लें। आप अच्छी नींद ले सकेंगे जिससे थकान दूर होगी और आप चुस्ती-फुर्ती का अनुभव करेंगे।
प्रेम व वैवाहिक
आपका दाम्पत्य जीवन इस अवधि में काफी शानदार रहने की सम्भावना है। जीवनसाथी के साथ किसी रोमांचक स्थल की सैर पर आप निकल सकते हैं। इस दौरान आप दोनों का तालमेल बेहतरीन बना रहेगा। आपके क़रीबी आपके प्रेम संबंधों को तोड़ने की साज़िश रच सकते हैं। इसलिए इस अवधि में थोड़ा संभल कर रहें। अपनी वाणी पर संयम रखें एवं नए संबंधों की शुरुआत करने में उतावलापन न दिखाएं। नए सम्बन्ध बनाने के लिए समय अनुकूल नहीं है। ज्यादा लंबी अवधि तक आपके रिश्ते नहीं चलने की सम्भावना है।
पारिवारिक
घरेलू जीवन के लिए यह समय मिला-जुला नज़र आ रहा है। संतान से आपको भरपूर ख़ुशियाँ प्राप्त होंगी। साथ ही पिता तथा संतान का स्वास्थ्य भी काफ़ी अच्छा रहेगा। बुध के गोचर के कारण परिवार में लोगों के बीच आपसी सौहार्द और एकजुटता दिन-प्रतिदिन बढ़ेगी। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आप सामाजिक कार्यों के लिए चंदा इत्यादि भी दे सकते हैं। आर्थिक रुप से आपको कोई तंगी नहीं रहेगी जिस कारण आप मन-माफ़िक़ ख़रीददारी कर पाएंगे। भाई-बहनों के साथ आपके वैचारिक मतभेद बनते दिखाई दे रहे हैं।
उपाय
मीठे चावल बनाकर ग़रीबों में बांटना आपके लिए अच्छा रहेगा।
शुभ दिन

9, 18, 2





2017 में मेष राशि के जातको को अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए आपको कठोर परिश्रम करना पड़ सकता है। धन संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले कई बार सोचें। बिना बैकअप लिए कोई ऐसा कदम ना उठाएं जिससे अवसर आने पर आपको पैसों की दिक्कत हो। इस पूरे साल आपको पैसों के मामलों में सावधानी रखनी होगी अन्यथा किसी से पैसा उधार लेना पड़ सकता है। 
धन, व्यापार और कारोबार (Financial Prediction 2017)
साल के शुरुआती महीनों में थोड़ी कोशिश करके अपने खर्चों पर काबू रखें और बिना सोचें कहीं भी पैसा निवेश ना करें। हालांकि साल के दूसरे भाग में परेशानियां खत्म होती दिखेंगी। कहीं से रुका हुआ धन मिल सकता है। शेयर मार्केट, नई प्रोपर्टी या नया बिजनेस शुरु करना हो तो इस बारें में अच्छी तरह जांच परख कर लें तभी आगे बढ़ें।

शिक्षा और करियर (Education and Career Forecast for 2017)
शिक्षा के लिहाज से वर्ष 2017 मेष राशि के जातकों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। हालांकि प्रतियोगी परिक्षाओं और विदेश में पढ़ने का सपना देखने वाले छात्रों को इस साल थोड़ी अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है लेकिन इस समय की गई मेहनत का फल आने वाले समय में मीठा साबित होगा। 
वर्ष के दूसरे पूर्वाध में छात्रों को उनकी मेहनत का सही फल मिलता दिखेगा। लंबे समय से अगर किसी बड़ी संस्थान में शिक्षा प्राप्त करने का सपना देख रहे हैं तो आपका यह सपना पूरा हो सकता है। यहां यह बात ध्यान रखें कि अगर आपका कंट्रोल आपके मन पर है तो आपके काबू में सब हो सकता है, मन पर काबू रखें, सफलता अवश्य आपको मिलेगी।

परिवार (Family Relations in Year 2017)
वर्ष 2017 में मेष राशि के जातकों को पारिवारिक स्तर पर अधिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा, काफी सारी चीजें सामान्य रहेंगी। इस वर्ष हो सकता है कि घर पर किसी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो। हालांकि वर्ष के मध्य में भाई-बंधुओं के साथ किसी प्रकार के विवाद से बचें। इस समय संतान व जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही ना बरतें। 
टिप्स: दांपत्य जीवन में सुख  के लिए जरूरी है कि पति-पत्नी एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें। 

प्यार और रिश्ते (Love and  Relation 2017)
भविष्यफल 2017 के अनुसार मेष राशि के जातकों को इस साल प्रेम के मामलों में भाग्य का पूरा साथ मिलता दिख रहा है। साथी की तलाश इस साल पूरी हो सकती है। हालांकि अगर जीवन में सब अच्छा चल रहा है तो इसका मतलब यह नहीं कि हम रिश्तों का महत्व भूल जाएं। इसकी बजाय ऐसे समय में तो रिश्तों को अधिक महत्व देना चाहिए और जीवनसाथी या प्रेमी के साथ खुशियों को बांटना चाहिए।
मेष राशि के जातकों का इस साल वैवाहिक जीवन बेहद खुशियों भरा बितेगा। साल के अंत में जीवनसाथी को ऐसा लग सकता है कि आपके पास उनके लिए समय नहीं है, इससे निपटने के लिए अपने खाली समय में जीवनसाथी के लिए कुछ रोमांटिक करने का प्रयास करे, एक गिफ्ट या अच्छा लंच-डिनर रिश्तों में नई गर्माहट ला सकता है। 
जिन लोगों को जीवनसाथी की तलाश है या जो लोग अपने लिए प्रेमी ढूंढ़ रहें है उन्हें भी इस साल सफलता मिलेगी। वर्ष 2017 के अंत तक अविवाहित लोगों के लिए अच्छे रिश्ते आने व विवाह होने की संभावना है। इस वर्ष लाल रंग आपके लिए काफी शुभ साबित होगा।

स्वास्थ्य राशिफल (Health Horoscope in Hindi)
राशिफल 2017 के अनुसार इस वर्ष मेष राशि के जातकों को लाइफस्टाइल संबंधित समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए जितना हो सके सही जीवनशैली अपनाने पर जोर देना चाहिए। इस साल आप पर मानसिक दबाव अधिक होगा जिसके कारण आप सर दर्द, तनाव, अनिद्रा आदि के शिकार हो सकते हैं जिससे बचने के लिए सुबह की सैर, योगा आदि का अभ्यास करना लाभदायक होगा। 

मौसमी बीमारियों को कम आंकना आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। 
शुभ 
मेष राशि के जातकों के लिए शुभ दिन मंगलवार और शुभ रत्न मूंगा है। 
अंक ज्योतिष द्वारा राशिफल जानने के लिए क्लिक करें: Numerology Horos 2017 में मेष राशि के जातको को अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए आपको कठोर परिश्रम करना पड़ सकता है। धन संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले कई बार सोचें। बिना बैकअप लिए कोई ऐसा कदम ना उठाएं जिससे अवसर आने पर आपको पैसों की दिक्कत हो। इस पूरे साल आपको पैसों के मामलों में सावधानी रखनी होगी अन्यथा किसी से पैसा उधार लेना पड़ सकता है। धन, व्यापार और कारोबार (Financial Prediction 2017) साल के शुरुआती महीनों में थोड़ी कोशिश करके अपने खर्चों पर काबू रखें और बिना सोचें कहीं भी पैसा निवेश ना करें। हालांकि साल के दूसरे भाग में परेशानियां खत्म होती दिखेंगी। कहीं से रुका हुआ धन मिल सकता है। शेयर मार्केट, नई प्रोपर्टी या नया बिजनेस शुरु करना हो तो इस बारें में अच्छी तरह जांच परख कर लें तभी आगे बढ़ें। शिक्षा और करियर (Education and Career Forecast for 2017) शिक्षा के लिहाज से वर्ष 2017 मेष राशि के जातकों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। हालांकि प्रतियोगी परिक्षाओं और विदेश में पढ़ने का सपना देखने वाले छात्रों को इस साल थोड़ी अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है लेकिन इस समय की गई मेहनत का फल आने वाले समय में मीठा साबित होगा। वर्ष के दूसरे पूर्वाध में छात्रों को उनकी मेहनत का सही फल मिलता दिखेगा। लंबे समय से अगर किसी बड़ी संस्थान में शिक्षा प्राप्त करने का सपना देख रहे हैं तो आपका यह सपना पूरा हो सकता है। यहां यह बात ध्यान रखें कि अगर आपका कंट्रोल आपके मन पर है तो आपके काबू में सब हो सकता है, मन पर काबू रखें, सफलता अवश्य आपको मिलेगी। परिवार (Family Relations in Year 2017) वर्ष 2017 में मेष राशि के जातकों को पारिवारिक स्तर पर अधिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा, काफी सारी चीजें सामान्य रहेंगी। इस वर्ष हो सकता है कि घर पर किसी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो। हालांकि वर्ष के मध्य में भाई-बंधुओं के साथ किसी प्रकार के विवाद से बचें। इस समय संतान व जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही ना बरतें। टिप्स: दांपत्य जीवन में सुख  के लिए जरूरी है कि पति-पत्नी एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें। प्यार और रिश्ते (Love and  Relation 2017) भविष्यफल 2017 के अनुसार मेष राशि के जातकों को इस साल प्रेम के मामलों में भाग्य का पूरा साथ मिलता दिख रहा है। साथी की तलाश इस साल पूरी हो सकती है। हालांकि अगर जीवन में सब अच्छा चल रहा है तो इसका मतलब यह नहीं कि हम रिश्तों का महत्व भूल जाएं। इसकी बजाय ऐसे समय में तो रिश्तों को अधिक महत्व देना चाहिए और जीवनसाथी या प्रेमी के साथ खुशियों को बांटना चाहिए। मेष राशि के जातकों का इस साल वैवाहिक जीवन बेहद खुशियों भरा बितेगा। साल के अंत में जीवनसाथी को ऐसा लग सकता है कि आपके पास उनके लिए समय नहीं है, इससे निपटने के लिए अपने खाली समय में जीवनसाथी के लिए कुछ रोमांटिक करने का प्रयास करे, एक गिफ्ट या अच्छा लंच-डिनर रिश्तों में नई गर्माहट ला सकता है। जिन लोगों को जीवनसाथी की तलाश है या जो लोग अपने लिए प्रेमी ढूंढ़ रहें है उन्हें भी इस साल सफलता मिलेगी। वर्ष 2017 के अंत तक अविवाहित लोगों के लिए अच्छे रिश्ते आने व विवाह होने की संभावना है। इस वर्ष लाल रंग आपके लिए काफी शुभ साबित होगा। स्वास्थ्य राशिफल (Health Horoscope in Hindi) राशिफल 2017 के अनुसार इस वर्ष मेष राशि के जातकों को लाइफस्टाइल संबंधित समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए जितना हो सके सही जीवनशैली अपनाने पर जोर देना चाहिए। इस साल आप पर मानसिक दबाव अधिक होगा जिसके कारण आप सर दर्द, तनाव, अनिद्रा आदि के शिकार हो सकते हैं जिससे बचने के लिए सुबह की सैर, योगा आदि का अभ्यास करना लाभदायक होगा। मौसमी बीमारियों को कम आंकना आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। शुभ मेष राशि के जातकों के लिए शुभ दिन मंगलवार और शुभ रत्न मूंगा है। 









he planet Jupiter or Guru is perceived to be one of the supremely benefic presence in the Indian astrological arena as it is believed to bring most of the goodness and positive shades to the native’s life. Jupiter is the giver of true wisdom as leading towards prosperity and happiness besides which it bestows the person with the positive strength at core and with respect upon land.
Jupiter or Guru in it's mahadasha makes the person see the right things in the right direction and take the right decisions besides which here the natives would be sincere and honest towards every aspects of life which would take them towards the professional heights and would endow them with financial strength as well. People would emerge wiser in this period or Jupiter or Guru and will attain reverence from the surroundings as leading towards a strong & dominant position.
The person would under Jupiter or brihaspati ' s vimshottari maha dasha receive positive impact upon mind and would have pure thoughts & perceptions which would take him/her over the righteous path besides which they would be inclined towards spiritual and religious aspects for which they would get truly involved in the same. He/she would stay close to pious people and sacred pursuits. In this segment, the native would acquire true knowledge and would emerge high as wiser.
There would be high peace and persistence from mind to the surrounding in the Jupiter period besides which  their would be betterment in all sorts of relations and some good relations with the sovereign people would develop. Happiness and bliss would be a major part of this segment as both at the personal and professional arena. This segment would bring all the goodness to the person while the only indicated problem would be of body aches he/she may face.

Sub-periods or antardashas of all planets under  Jupiter  vimshottari mahadasha are as follows:
Jupiter Mahadasha - Jupiter Antardasha :  The planet Jupiter is perceived to be a supremely benefic planet as it is the giver of wisdom and knowledge which takes the person towards heights of success with ....   Read more
Jupiter Mahadasha - Sun Antardasha : The Sun is perceived to be one of the supremely benefic planets and the one which brings brilliance of goodness and happiness into lives besides which it is the giver of pow  ...   Read more
Jupiter Mahadasha - Moon Antardasha : The celestial Moon is believed to be one of the benefic planets in the astrological arena which brings most of the goodness in the native’s life besides which Jupiter also ....     Read more
Jupiter Mahadasha - Mars Antardasha : The Planet Mars is believed to be one of the potent planets in our Indian astrological arena and so on these planets because of their high potency are perceived to....    Read more
Jupiter Mahadasha - Saturn Antardasha : Planet Saturn is perceived to be one of the malefic planets which is believed to be the bringer of harshness into lives though it leads towards the good in the end. So on the... Read more
Jupiter Mahadasha - Mercury Antardasha : The planets Mercury and Jupiter are strongly believed benefic planets as they are only the givers of goodness to the person but they lack at the aspect of pote.... Read more
Jupiter Mahadasha - Venus Antardasha : The planet Venus is perceived to be one of the benefic planets which brings most of the positive effects to the person while it could also appear as adverse at some places.....   Read more
Jupiter Mahadasha - Rahu Antardasha : The shadow planet Rahu is one of the well perceived malefic planet which would always bring negative impacts upon the natives and would bring much hurdles in t  ....   Read more
Jupiter Mahadasha - ketu Antardasha : The shadow planet Ketu is well known as a highly malefic planet and is believed to bring much hurdles in the native’s life while here when Ketu has come as a sub – p....   Read more
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 भारतीय वैदिक ज्योतिष में केतु को आध्यात्मिकता से जुड़ा ग्रह माना जाता है तथा इसका प्रबल प्रभाव जातक को आध्यात्मिक क्षेत्र में बहुत बड़ीं उपलब्धियां प्राप्त करवा सकता है। हालांकि कोई जातक गुरू के प्रभाव के कारण भी आध्यात्मिक क्षेत्र में उपलब्धियां प्राप्त कर सकता है किन्तु आध्यात्मिक क्षेत्र में होने के बावजूद भी गुरू तथा केतु के प्रभाव वाले जातकों में सामान्यतया बहुत अंतर होता है। गुरू के प्रभाव वाले जातक आम तौर पर अपनी आध्यात्मिक उन्नति की ओर बढ़ने के साथ-साथ दुनियावी रिश्तों तथा जिम्मेदारियों का पालन करने में भी प्रबल विश्वास रखते हैं जबकि केतु के प्रभाव वाले जातक आम तौर पर आध्यात्म के सामने दुनियादारी तथा रिश्तों-नातों को तुच्छ मानते हैं तथा अपनी दुनियावी जिम्मेदारियां और रिश्ते छोड़ कर केवल आध्यात्म की तरफ ही ध्यान देते हैं।
                                                          आध्यात्मिक क्षेत्र में उपलब्धियां प्राप्त कर लेने के पश्चात भी गुरू के प्रभाव वाले लोग आम तौर पर जन कल्याण का मार्ग चुनते हैं तथा लोगों के उद्धार के लिए प्रयासरत हो जाते हैं जबकि केतु के प्रभाव वाले जातक आम तौर पर बहुत सारी आध्यात्मिक उपलब्धियां प्राप्त हो जाने के बावजूद भी दुनियादारी से दूर रहकर अपनी आध्यात्मिक उन्नति की ओर ही बढ़ते रहना पसंद करते हैं। इस प्रकार से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि केतु के प्रभाव वाले जातक आध्यात्मिक क्षेत्र की ओर दुनियादारी से बुरी तरह मोहभंग हो जाने पर ही जाते हैं जबकि गुरू के प्रभाव वाले जातक दुनियादारी तथा आध्यात्म, दोनों में तालमेल बैठा कर दोनों को एक साथ चलाने में सक्षम होते हैं।
                                                             केतु भी राहु की भांति ही एक छाया ग्रह हैं तथा मनुष्य के शरीर में केतु मुख्य रूप से अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। ज्योतिष की गणनाओं के लिए केतु को ज्योतिषियों का एक वर्ग तटस्थ अथवा नपुंसक ग्रह मानता है जबकि ज्योतिषियों का एक दूसरा वर्ग इन्हें नर ग्रह मानता है। केतु स्वभाव से मंगल की भांति ही एक क्रूर ग्रह हैं तथा मंगल के प्रतिनिधित्व में आने वाले कई क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व केतु भी करते हैं। इन क्षेत्रों के अतिरिक्त केतु जिन क्षेत्रों तथा लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं उनमें आध्यात्म तथा आध्यात्मिक रुप से विकसित लोग, परा शक्तियों के क्षेत्र तथा इनकी जानकारी रखने वाले लोग, दवाएं बनाने वाले लोग तथा दवाओं की बिक्री करने वाले लोग, अनुसंधान के क्षेत्र में काम करने वाले लोग, मानवीय इतिहास पर खोज करने वाले लोग, अनाथालय तथा इनके लिए काम करने वाले लोग और संस्थाएं, वृद्ध आश्रम तथा इनके लिए काम करने वाली संस्थाएं, धार्मिक संस्थाएं तथा इनके लिए काम करने वाले लोग, पादरी, जासूस, इतिहासकार, पुरातत्त्ववेत्ता, भूविज्ञानी, गणितज्ञ तथा अन्य कई क्षेत्र, संस्थाएं और व्यक्ति आते हैं। इसके अतिरिक्त केतु नवजात शिशुओं तथा विशेष रूप से नर शिशुओं, कम उम्र के नर बच्चों, चेलों अथवा शिष्यों, कुत्तों, मुकद्दमेबाजी तथा मुकद्दमों, यात्राओं, वृद्ध लोगों, मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों तथा किसी बाहरी बाधा से पीड़ित लोगों के भी कारक माने जाते हैं। 
                                                            कुंडली में केतु के स्थिति विशेष अथवा किसी बुरे ग्रह की दृष्टि के कारण बलहीन होने पर जातक मानसिक रोगों तथा बाहरी बाधाओं से पीड़ित हो सकता है। इसके अतिरिक्त जातक के शरीर का कोई अंग किसी दुर्घटना अथवा लड़ाई में भंग भी हो सकता है तथा जातक को अपने जीवन में कई बार शल्य चिकित्सा करवानी पड़ सकती है जिसके कारण उसके शरीर की बार-बार चीर-फाड़ हो सकती है। कुंडली में केतु पर किसी बुरे ग्रह का विशेष प्रभाव जातक को कानों तथा पैरों के दर्द अथवा इन अंगों से संबंधित बिमारियों, शरीर पर तेज़ धार हथियार से हमला होने जैसी घटनाओं, मानसिक विक्षिप्तता तथा अतयंत मानसिक पीड़ा से भी पीड़ित कर सकता है। केतु पर किसी बुरे ग्रह का विशेष प्रभाव जातक को जीवन भर शहर से शहर और देश से देश भटकने पर बाध्य कर सकता है। ऐसे जातक अपने जीवन में अधिक समय तक एक स्थान पर टिक कर नहीं रह पाते तथा एक स्थान से दूसरे स्थान पर भटकते ही रहते हैं।






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